Monday, 15 June 2015

ताजमहल के प्रांगड़ मैं 'राधे राधे' की गूँज ने सभी आगंतुकों का ध्यान आकर्शित किया, और मानो कुछ पल  ऐसा लगा की प्रांगड़ वृन्दावन बन गया हो। मौका था वृन्दावन और बनारस से आई विधवाओं के आगरा भ्रमण का। उनकी ये यात्रा 'सुलभ इंटरनेशन संस्था और पुरातत्व विभाग, आगरा' के प्रयासों के बाद सफल हुई।

   

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